सर्वप्रथम आपको राशन कार्ड आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा जिसका विवरण निचे है :-
- 📥 राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र (ग्रामीण क्षेत्र हेतु)
- 📥 राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र (नगरीय क्षेत्र हेतु)
- 📥 प्रवासी श्रमिकों हेतु राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र li>
ऊपर दिए गए आवेदन फॉर्म डाउनलोड करके उसमें सही एवं शुद्ध विवरण भरें और अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं। जन सेवा केंद्र आपके भरे गए फॉर्म की जानकारी के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा कराकर आपका आवेदन ऑनलाइन कर देगा। विभागीय सत्यापन के पश्चात् आपका राशन कार्ड बना दिया जाएगा।
राशन कार्ड बनाये जाने के लिए क्या क्या कागज(अभिलेख) लगतें है ?
- 1. भरा हुआ आवेदन प्रपत्र
- 2. एक सक्रीय मोबाइल नं
- 3. परिवार के मुखिया की पासपोर्ट साइज फोटो (मुखिया परिवार की वरिष्ठतम महिला होगी। यदि परिवार में कोई वयस्क महिला नहीं है, तो वरिष्ठतम सदस्य)
- 4. मुखिया के आधार कार्ड की छायाप्रति
- 5. मुखिया की बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति
- 6. निवास प्रमाण-पत्र (यदि आधार कार्ड में वर्तमान पता दर्ज न हो)
- 7. परिवार की आय का विवरण
- 8. परिवार के सभी सदस्यों की आधार संख्या
राशन कार्ड आवेदन किन कारणों से निरस्त होता जाता है ?
- 1. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानकों में परिवार का अपात्र पाया जाना
- 2. जारी किए जाने वाले राशन कार्डों की निर्धारित संख्या का लक्ष्य पूर्ण हो जाना
- 3. आवेदन में मांगे गए अभिलेख अपूर्ण होना
- 4. परिवार का राशन कार्ड पहले से जारी होना या आधार डुप्लीकेसी पाया जाना
राशन कार्ड के लिए कौन से परिवार पात्र है ?
ग्रामीण क्षेत्र के पात्र परिवार- 1. गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार (राजस्व विभाग के अद्यतन आय प्रमाण-पत्र के आधार पर)
- 2. ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला, दिव्यांग या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति है और परिवार में कोई अन्य बालिग पुरुष नहीं है
- 3. भिक्षावृत्ति, घरेलू काम-काज या जूते-चप्पल की मरम्मत करने वाले
- 4. फेरी लगाने वाले (खोमचे वाले, रिक्शा चालक आदि)
- 5. कुष्ठ रोग से प्रभावित या एड्स से पीड़ित व्यक्ति
- 6. अनाथ या माता-पिता विहीन बच्चे
- 7. दैनिक वेतन भोगी मजदूर (कुली, पल्लेदार आदि)
- 8. भूमिहीन मजदूरों के परिवार
- 9. परित्यक्ता महिलाएं
- 1. गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार
- 2. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के भूमिहीन मजदूर परिवार, जिनका मुखिया दैनिक वेतन भोगी मजदूर है
- 3. जिनकी आय का मुख्य स्रोत भिक्षावृत्ति, घरेलू काम-काज, जूते-चप्पल की मरम्मत या फेरी लगाना है
- 4. कुष्ठ रोग/एड्स प्रभावित, अनाथ बच्चे, परित्यक्ता महिलाएं, कचरा ढोने वाले/स्वच्छकार
- 5. निराश्रित महिला, दिव्यांग या मानसिक रूप से विक्षिप्त मुखिया वाले परिवार (जिनमें कोई अन्य बालिग पुरुष न हो)